क्या भारत में अब ‘तारीख’ नहीं ‘न्याय’ मिलेगा? 5.5 करोड़ मुकदमों के बोझ से मुक्ति के लिए देशव्यापी ‘जन सहयोग आंदोलन’ का शंखनाद
क्या भारत में अब ‘तारीख’ नहीं ‘न्याय’ मिलेगा? 5.5 करोड़ मुकदमों के बोझ से मुक्ति के लिए देशव्यापी ‘जन सहयोग आंदोलन’ का शंखनाद नई दिल्ली: “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करना है।” यह कहावत भारत की अदालतों में वर्षों से लंबित पड़े 5.5 करोड़ मुकदमों के बोझ तले दबकर केवल एक मुहावरा बनकर रह…

