गरीब सेना ने कमिश्वर को हटाने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
सतना। गरीब सेना ने नगर पालिक निगम सतना के कमिष्नर शेर सिंह मीणा को तत्काल प्रभाव से हटाकर
उनके कार्यावधि में हुए भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की जाॅंच कराने सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।
गरीब सेना ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि वर्तमान में नगर पालिक निगम सतना में पदस्थ कमिष्नर शेर सिंह मीणा शहर की जनता की समस्याओं एवं शहर में पनप रही जनसमस्याओं के प्रति गंभीर नही हैं। कमिष्नर आमजनता से मिलना पसंद नही करते है, शहर के पीड़ित नागरिक प्रतीक्षा हाल में घंटों बैठें रहते हैं, अन्त में थक-हार कर वापस चले जाते है। आमजनता सामूहिक रूप से जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देने जाते है तो कमिष्नर द्वारा ज्ञापन पत्र लेने से इनकार किया जाता है। दूरभाष में बातचीत करते है तो उनका जबाव होता है कि आवक-जावक में देकर चले जाओ, मुझे क्यों दोगें? अथवा स्टेनो के द्वारा कहलवा दिया जाता है कि आवक-जावक में जमा करवा दें। कमिष्नर की निष्क्रियता के चलते निगम का अधिकारी-कर्मचारी वेलगाम हो गया है। अधिकारी-कर्मचारी वर्ग करदाता या पीड़ितजनता के साथ गुण्डागर्दी, गाली-गलौज, मारपीट करने पर उतारू हो जाते है और काम में बाधा डालने का एफ.आई.आर. दर्ज कराने की धमकी दी जाती है।
पूर्व पार्षद महिंद वर्धन पप्पू ने कहा कि नगर पालिक निगम सतना में जब से कमिष्नर शेर सिंह मीणा पदस्थ हुए हैं तो सतना को स्मार्ट सिटी तो नही बना पाए लेकिन शहर को धूल का शहर अवष्य बना दिया है।
नगर पालिक निगम सतना में व्याप्त मूलभूत समस्यायें इस प्रकार हैं:-
(1) शहर मंे डाली गई सीवर लाइन गुणवत्ताविहीन है।
(2) बनाई गई सीसी सड़कें गुणवत्ता विहीन है। सड़को का दो से तीन माह में उखड़ना शुरू हो जाता है। इसी प्रकार सीसी नाले-नालियों का भी हाल है।
(3) शहर को साफ शुद्ध नियमित पेयजल नही प्रदाय कर पाए। शहर की जनता दूषित पेयजल पीने के लिए मजबूर है।
(4) इनके कार्यावधि में भ्रष्टाचार चरम पर है एवं विभागों में व्यापक पैमाने पर अनियमितता हो रही है, उनकी जाॅंच करा कर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।
(5) एक विभाग के अयोग्य कर्मचारियों की नियुक्ति दूसरे विभाग में कर दी जाती है जिससे जनता के कामकाज प्रभावित होते है ऐसी नियुक्तियों की जाॅंच कराकर एवं उनके द्वारा की गई अनियमितता में संलिप्त दोषी अधिकारी/कर्मचारी को निलंबित किया जाए। एक विभाग से दूसरे विभाग में नियुक्त किए गए अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए।
(6) अनुपम पाण्डेय जोन क्रमांक 04 में सहायक प्रभारी राजस्व निरीक्षक पदस्थ है, इनका
वाद-व्यवहार आमजनता व जनप्रतिनिधियों के प्रति ठीक नही है, गाली-गलौज, वाद-विवाद करता है, इन मूल विभाग सफाई विभाग है जिसमें उप स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद पर हैं। इन कार्य व्यवहार से आमजनमानस को बहुत परेषानी हो रही है। इनके द्वारा कोई भी कार्य वैध तरीके से नही किया जाता है, ये इस पद के योग्य नही है। अतः इन्हें राजस्व विभाग से हटाकर इनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए।
(7) महापौर-आयुक्त विवाद की जाॅंच कराई जाए, इनके विवाद से शहर की जनता असमंजस्य में है। विवाद से शहर की पीड़ित आमजनता के काम-काज प्रभावित हो रहे है।
(8) आयुक्त प्रतीक्षा हाल में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे की गहन जाॅंच कराई जाए।
(9) इनके कार्यावधि में आमजनता एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए आवेदन एवं षिकायत पत्रों का कितने प्रतिषत निदान किया गया, उसकी जाॅंच कराई जाए।
(10) पुराने नगर निगम मार्तण्ड काम्पलेक्स की स्थाई सफाई कार्य कराया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू, एड केपी पाल, पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, आशुतोष मिश्रा, विनोद सोनी दयाराम चैधरी केपी दाहिया रजुकमार दाहिया, एड पंकज नारायण कुशवाहा ,पूर्व जनपद सदस्य एड०प्रमोद कुशवाहा, जुगुल किशोर बागरी, सीमा बागरी सुरेश प्रजापति ,आर बी मिश्रा, सुरेश सेन ,संजय बुनकर सुनील गुप्ता,शैलेंद्र गुप्ता, एड० पृथ्वी राज सूर्यवंशी, मुंगेरी प्रजापति, आनंद कुमार महाजन, एड० दिनेश विश्वकर्मा आदि प्रमुख शामिल है।

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