7000 किमी का सफर और नशा मुक्ति का लक्ष्य: सतना में पल्लव देव का जोरदार स्वागत
विंध्य केयर फाउंडेशन ने किया स्वागत
सतना। नशा मुक्त भारत के उद्देश्य को लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक लगभग 7000 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले असम के श्रीभूमि जिले के युवा पल्लव देव शुक्रवार को सतना पहुंचे। उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा का उद्देश्य देशभर के युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें शिक्षा और खेल की ओर प्रेरित करना है।
पल्लव देव ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका सपना भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करने का था, किन्तु कलर ब्लाइंडनेस की समस्या के कारण वे सेना में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और देश सेवा का एक अलग मार्ग चुनते हुए नशा मुक्ति अभियान के तहत पदयात्रा शुरू की।
उन्होंने यह यात्रा 5 मई 2025 को असम से प्रारंभ की थी और अब तक 326 से अधिक दिनों से लगातार पैदल चलते हुए असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक पहुंच चुके हैं। उनकी यह यात्रा आगामी वर्षों तक जारी रहेगी, जिसे पूरा करने में लगभग 5 से 6 वर्षों का समय लगने का अनुमान है।
यात्रा के दौरान पल्लव देव विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करते हैं और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही वे देश के विभिन्न ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ, राम मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थलों से पवित्र माटी एकत्रित कर एक मंदिर की स्थापना का भी संकल्प लिए हुए हैं।
सतना आगमन पर सेमरिया चौक में विंध्य केयर फाउंडेशन द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। संस्था द्वारा उनके रात्रि विश्राम एवं भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर संस्था के सचिव अमन मिश्रा, उपाध्यक्ष विकास अवधिया, समाजसेवी अभिषेक दत्त पांडेय, अनुज मिश्रा, संतोष कुशवाहा सहित सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विंध्य केयर फाउंडेशन ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और इससे युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी। संस्था ने आमजन से भी अपील की है कि वे नशा मुक्त भारत के इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।