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फिजूल की भाषणबाजी न कर सीधा स्थानीय मुद्दों पर बोला हमला, हेमंत ने फ्लॉप-शो को हिट कराने का प्रयास किया

सभा के बाद दद्दा टैक्स का मुद्दा गरमाया, कांग्रेस की सरकार बनते ही अवैध टैक्स से मुक्ति दिलाने का भरोसा दिया
भिण्ड। जिले में फ्लॉप-शो साबित हुई कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा अटेर विधानसभा क्षेत्र के फूप में दाखिल हुई तो यहां स्थानीय लोगों में जोश नजर आया। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमंत कटारे के संबोधन ने लोगों में जोश भर दिया। जबकि यहां श्री कटारे को वरिष्ठ नेतृत्व ने सभा में यह कहकर बोलने का मौका नहीं दिया कि संभावित प्रत्याशी को मंच से संबोधन देने की शीर्ष नेतृत्व से मानाही है, जिस पर उन्होंने सभा समाप्ती के बाद नेताओं के जाते ही माईक संभाला और इधर-उधर की भाषणबाजी न कर सीधे क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया। इस दौरान उन्होंने अटेर से विधायक एवं म.प्र. शासन में मंत्री अरविंद भदौरिया के भाई देवेन्द्र भदौरिया उर्फ दद्दा का नाम लिए बगैर कहा कि अटेर में दद्दा टैक्स लग रहा है। जबकि पूरे देश में जीएसटी, वेट, इनकम टैक्स जैसे टैक्स लग रहे हैं, लेकिन अटेर में दद्दा टैक्स लग रहा है। इसलिए इस टैक्स से मुक्ति पानी है, तो कांग्रेस की सरकार बनाओ। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में सीएम शिवराज सिंह चौहान आए थे, उन्होंने फूप को तहसील बनाने की घोषणा की थी, लेकिन तहसील आज तक नहीं बनी। कटारे ने यह भी कहा कि अटेर पर विकास के नाम पर चारों ओर टोल टैक्स नाके बना दिए गए हैं, लेकिन न तो सड़के बनीं और न ही पुल बन सका है। स्थानीय लोगों के लिए टोल टैक्स माफ होना चाहिए, लेकिन उसमें भी स्थानीय लोगों को छूट नहीं दी गई है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अटेर में चंबल पुल अब तक नहीं बन सका है, यदि हमारी सरकार बनाते हो, तो एक माह के अंदर पुल न सिर्फ बनकार तैयार कर देंगे, बल्कि उसे शुरू भी करा देंगे। इस दौरान उन्होंने विगत वर्ष कुंअरपुरा में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इसका बदला भाजपा को हटाकर लेना होगा।
कांग्रेस में नहीं थम रहा गुटबाजी का दौर
यह बात जग-जाहिर है कि अटेर में कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमंत कटारे के पास अच्छा-खासा जन समर्थन है, लेकिन गुटबाजी के चलते श्री कटारे के सामने पार्टी के अंदर ही प्रतिद्वंदियों को खड़ा किया जा रहा है। यह प्रतिद्वंदी नेता प्रतिपक्ष के गुट के बताए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल कटारे का यह मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि इनके पास जनसमर्थन के नाम पर मुठ्ठी भर कार्यकर्ता भी नहीं है।
इसलिए फ्लॉप हुई जन आक्रोश यात्रा
भाजपा की नीतियों के प्रति जनता का रुझान जानने के लिए कांग्रेस द्वारा शुरू की गई जन आक्रोश यात्रा के फ्लॉप होने के पीछे की मुख्य वजह यह रही कि यात्रा में उन कांग्रेसियों को तवज्जो नहीं दी गई जो अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में वजूद रखते हैं। ऐसे में उन्हें तवज्जों न मिलने से उन्होंने भी खानापूर्ति के लिए यात्रा का हिस्सा बनना स्वीकार कर लिया। दरअसल यात्रा के फ्लॉप होने के पीछे की मुख्य वहज यह भी रही कि इस यात्रा का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने किया और वह भिण्ड जिले की लहार से विधायक हैं, ऐसे में जनता के लिए आए दिन उनके बयान, भाषण व संबोधन सुनना आम बात है। इसलिए इस यात्रा में कांग्रेस के अन्य स्टार प्रचारकों को भी शामिल कर जनता के सामने माहौल बनाने उतारना चाहिए था। हालाकि इस यात्रा में म.प्र. चुनाव के सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव शिव भाटिया इस यात्रा का हिस्सा रहे, लेकिन इतने भर से यात्रा में वह दम-खम नजर नहीं आया।
इन विवादों के चलते जनता का मोह हुआ भंग
कांग्रेस की इस यात्रा से जुड़े कई विवाद सामने आए, जो पार्टी कार्यकर्ता व जनता का मोह भंग करने के लिए काफी रहे। इनमें गुटबाजी मुख्य मसला रहा। यात्रा में गुटबाजी ऐसी रही कि नेता प्रतिपक्ष गुट के नेताओं में आगे आने की होड़ मची रही, वहीं अन्य स्थानीय नेताओं को नजर अंदाज किया गया। इसके अलावा मंच पर पार्टी के पदाधिकारी व स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ ठीक ढंग का व्यवहार नहीं किया गया, इसमें किसी को मंच से नीचे उतारने की स्थिति सामने आई तो कई को भरे मंच पर वरिष्ठ नेतृत्व ने हड़काकर बेज्जत किया। इतना ही नहीं अपना शक्ति प्रदर्शन करने के चक्कर में कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर हथियारों का प्रदर्शन कर यात्रा की शोभा तक को भंग कर दिया।

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