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पैरोल पर बाहर आया खूंखार अपराधी चंदन यादव ने बारापत्थर में की हत्या, पुलिस पर गंभीर आरोप

पैरोल पर बाहर आया खूंखार अपराधी चंदन यादव ने बारापत्थर में की हत्या, पुलिस पर गंभीर आरोप

 

सतना नागौद थाना बारापत्थर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बारापत्थर में बहुचर्चित अपराधी चंदन यादव ने निर्भय उर्फ बबलू यादव की हत्या कर दी। पैरोल पर बाहर आने के बाद 4 महीनों से फरार चल रहे चंदन ने अपने गैंग के साथ मिलकर यह वारदात को अंजाम दिया।घटना में बबलू के बड़े पुत्र राणा यादव को भी गोली लगी,जो फिलहाल सतना के पूजा अस्पताल में जीवन-मृत्यु से जूझ रहा है। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों के चेहरे साफ कैद हो चुके हैं, फिर भी पुलिस की कथित लापरवाही से आरोपी अब तक फरार हैं।

घटना का पूरा विवरण:

रात के अंधेरे में गैंग ने ठोकी गोलीरात करीब 9 बजे बारापत्थर गांव में निर्भय उर्फ बबलू यादव अपने घर के पास थे, तभी चंदन यादव ने अपने 4-6 साथियों के साथ अचानक हमला बोल दिया। बबलू को चार गोलियां मारी गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनका बड़ा बेटा राणा यादव दुकान में मौजूद था, जहां उसे पैर में एक गोली लगी। अंधेरे का फायदा उठाकर राणा किसी तरह भाग निकला और अपनी जान बचा ली।

घटनास्थल पर आलोक सोनी नामक व्यक्ति भी चंदन के साथ देखा गया

। स्थानीय लोगों के अनुसार, चंदन का पूरा परिवार—पिता, बड़ा भाई अशोक यादव का लड़का सहित—इस हत्या में शामिल होने के संदेह में घिरा है।सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों का गैंग साफ नजर आ रहा है, जो पुलिस के पास मौजूद है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सुनियोजित हत्या थी, जिसमें बदले की भावना साफ झलक रही है।पुलिस की घोर लापरवाही:

4 महीने से फरार चंदन पर कार्रवाई क्यों नहीं?

चंदन यादव पैरोल पर बाहर आने के बाद 4 महीनों से फरार चल रहा था। नागौद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने उसके परिवार—पिता और भाइयों—को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं की, जिससे चंदन को पनाह मिल गई। अगर समय रहते परिवार को हिरासत में ले लिया जाता, तो शायद यह सिलसिला रुक जाता। घटना के 12 घंटे बाद भी पुलिस पीड़ित परिवार से बयान लेने नहीं पहुंची, जबकि राणा अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।

एक ग्रामीण ने कहा, “नागौद थाना अपराधियों का अड्डा बन गया है। पुलिस की नाकामी से बेकसूरों की जान जा रही है।” एसपी सतना से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

परिवार का दर्द: न्याय की गुहार

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। राणा के चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा है, जबकि बबलू का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। परिवार वाले बोले, “पुलिस अगर सक्रिय होती तो हमारा सहारा न खड़ा होता। अब चंदन और उसके गैंग को तुरंत गिरफ्तार करो।”नागौद थाने पर यह घटना सवाल खड़े कर रही है—क्या अपराधी अब खुलेआम घूमेंगे? जिला प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

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