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कनाडा में भारतीयों को खतरा! गैगस्टरों से मिल रही वसूली की धमकी, दो मेयरों ने जताई चिंता

भारत से विवाद के बीच कनाडा में भारतीयों पर हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है. भारतीय और दक्षिण एशियाई व्यापारिक समुदायों को वसूली की धमकियां मिल रही है. वहीं अब इस खतरे पर कनाडा के ब्रैम्पटन और सरे के मेयरों ने चिंता जताई है. मेयर ने संयुक्त रूप से जस्टिन ट्रूडो सरकार से उनके शहरों में दक्षिण एशियाई व्यवसायों के लिए जबरन वसूली की धमकियों में वृद्धि के खिलाफ नेतृत्व करने की अपील की है.

ब्रैम्पटन, ओन्टारियो के मेयर पैट्रिक ब्राउन और ब्रिटिश कोलंबिया के सरे के ब्रेंडा लॉक ने कहा कि वे अपने समुदायों के लिए गहराई से चिंतित हैं. ब्रैम्पटन और सरे दोनों जगह बड़े पैमाने पर दक्षिण एशियाई समुदाय, खासकर भारतीय रहते हैं, यहां पिछले दो महीनों में कनाडाई गैंगस्टरों ने जबरन वसूली के लिए कॉल में वृद्धि देखी गई है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 4 जनवरी को जबरन वसूली की धमकियों पर एक सवाल का जवाब देते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया था.

कनाडा के मेयरों ने सरकार को लिखा पत्र
वहीं ब्रैम्पटन और सरे के मेयरों ने इस हफ्ते चिंता व्यक्त करते हुए संघीय सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री को पत्र लिखा. सीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दक्षिण एशियाई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई का भी आह्वान किया. महापौरों (मेयर) ने अपने पत्र में लिखा कि हम आपके मंत्रालय से इन खतरों की प्रकृति को पहचानने और एक प्रतिक्रिया का नेतृत्व करने का आग्रह करते हैं जो पूरे कनाडा में सभी प्रभावित समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है.

गैंगस्टरों की धमकियों में वृद्धि
ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र में पील के पुलिस प्रमुख, निशान दुरईअप्पा ने जबरन वसूली की धमकियों में चिंताजनक वृद्धि को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि जबरन वसूली के मामले दिसंबर 2023 में नौ से बढ़कर जनवरी 2024 में 20 हो गए हैं. परेशान करने वाली बात यह है कि इनमें से छह मामलों में हिंसा शामिल थी. इसमें व्यावसायिक संपत्तियों पर गोलीबारी की गई. फिलहाल पुलिस अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच कर रही है.

पिछले महीने इन घटनाओं में वृद्धि के जवाब में एक्सटॉर्शन इन्वेस्टिगेटिव टास्क फोर्स की शुरुआत की गई थी. रिपोर्ट के अनुसार, यह वर्तमान में ऐसे 16 मामलों की जांच कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले हफ्ते ऐसे मामलों को दर्ज करने के लिए एक हॉटलाइन शुरू की गई थी. चीफ दुरईअप्पा ने सीबीसी को बताया कि हिंसा के खतरे इतने संक्रामक हो गए हैं कि पूरे समुदाय में डर काफी हद तक फैल गया है.

गंभीर चिंता का विषय : भारत
मेयरों की अपील से पहले भारत ने 4 जनवरी को इसे चिंता का विषय बताया था. कनाडाई गैंगस्टरों द्वारा जबरन वसूली कॉल में वृद्धि पर एक सवाल का जवाब देते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह चिंता का विषय है. उन्होंने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि खासकर भारतीय नागरिकों को जबरन वसूली के कॉल मिल रहे हैं, यह गंभीर चिंता का विषय है. हालांकि, जायसवाल ने कहा कि उनके पास इस मुद्दे पर पर्याप्त जानकारी नहीं है.

कनाडा के बाहर हो सकते हैं गैंगस्टर
कथित तौर पर जबरन वसूली करने वाले लोग सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों से संपर्क करने की रणनीति अपना रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों का विवरण जैसे नाम, फोन नंबर, पता और व्यावसायिक जानकारी सोशल मीडिया से ली जाती है. संपर्क स्थापित करने के बाद, वे हिंसा की धमकियों के तहत पैसे की मांग करते हैं.

मेयर ब्राउन ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आह्वान करते हुए इन खतरों को कनाडाई सीमाओं के बाहर से होने से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि मैं सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री से सुनना चाहूंगा कि उन्होंने भारत में अपने समकक्षों से बात की है, कनाडा सरकार ने वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम इन फोन के पीछे के व्यक्तियों को पकड़ सकें.

लोगों को डरा रहे
संघीय सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री के एक प्रवक्ता ने आश्वासन दिया कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) इस मुद्दे पर स्थानीय पुलिस बलों के साथ सहयोग कर रही है. आरसीएमपी के प्रवक्ता जीन-सेबेस्टियन कोमू ने कहा कि अगर कनाडाई लोगों को संदेह है कि वे जबरन वसूली के प्रयास का लक्ष्य हैं, तो उन्हें तुरंत अपने स्थानीय पुलिस बल को इसकी सूचना देनी चाहिए. हालांकि, मेयर ब्राउन ने जोर देकर कहा कि और अधिक कार्रवाई की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हम अपने निवासियों को आतंकित किए जाने को बर्दाश्त नहीं कर सकते.

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