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यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत के रुख पर नजर, इंटरनेशनल मीडिया ने ऐसे कवर किया जी-20 समिट

जी20 शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है. पहला दिन दो सेशन में आयोजित किया गया. एक सेशन ‘वन अर्थ’ और दूसरा सेशन ‘वन फैमिली’ पर आधारित था. इस दौरान एक बड़े रेल प्रोजेक्ट पर मुहर लगी तो रूस यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भी खासा चर्चा हुई. युद्ध से दुनिया को हो रही दिक्कतों के बारे में ग्लोबल लीडर्स ने चिंतन किया. वैश्विक मीडिया ने भी जी20 की बैठकों को तरजीह दी. रेल प्रोजेक्ट और युद्ध का मुद्दा खासतौर पर वैश्विक मीडिया में छाया रहा.

अमेरिका के एक बड़े मीडिया संस्थान द वाशिंगटन पोस्ट ने भारत-यूरोप को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट के ऐलान को प्रमुखता दी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और सहयोगियों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट पर कल मुहर लगाई है, जिसके तहत भारत-यूरोप को जोड़ने के लिए एक रेल और शिपिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा. यह रेल कॉरिडोर मीडिल ईस्ट, भारत और यूरोप को जोड़ेगा, जो माना जा रहा है कि चीन बेल्ट एंड रोड इनिशियेटिव की काट है.
रूस की नहीं की आलोचना, वैश्विक मीडिया ने की निंदा

जी20 नेताओं की बैठक और बातचीत के बाद भारत ने एक संयुक्त बयान जारी किया. द न्यू यॉर्क टाइम्स ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पर जी20 सम्मेलन का रुख नरम रहा लेकिन सहायता एजेंडे पर सहमति जताई. अखबार ने लिखा है कि गरीब देशों के लिए व्यापक योजना जारी की गई है. चूंकी जी20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है. एजेंडा भी भारत ने ही तय किए हैं. भारत रूस की सीधी आलोचना करने से बचता रहा है और उसे आक्रमणकारी मानने से वैश्विक मंचों पर इनकार करता रहा है. जी20 समिट के दौरान भी भारत का यही रुख कायम रहा, जिसकी कुछ ग्लोबल मीडिया संस्थान ने निंदा की.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख न्यूट्रल

बीबीसी ने लिखा कि यूक्रेन युद्ध पर जी20 नेताओं ने अफसोस तो जताया लेकिन रूस पर सीधा आरोप लगाने से परहेज किया. इसी तरह सीएनएन न्यूज ने भी कहा कि यूक्रेन पर अटैक के लिए जी20 ने निंदा तो नहीं की लेकिन हां मदद का भरोसा जरूर दिया है. रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत शुरू से न्यूट्रल रहा है. जी20 सम्मेलन में भी भारत ने सीधा रूस पर उंगली उठाने से परहेज किया. द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा कि घोषणा पत्र में यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख नरम रहा.

अफ्रीकी यूनियन बना जी20 का सदस्य

द गार्डियन ने अफ्रीकी यूनियन को जी20 का सदस्य बनाए जाने की खबर को प्रमुखता दी. द इंडिपेंडेंट मीडिया संस्थान ने रूस की निंदा नहीं किए जाने की आलोचना की. अखबार ने लिखा कि रूस की निंदा तो नहीं हुई लेकिन हां परमाणु खतरे पर चेताया और रूस द्वारा बार-बार दी जा रही धमकी पर कहा कि यह अस्वीकार्य है. रूसी न्यूज एजेंसी ने इस बात को प्रमुखता दी कि जी20 नेताओं ने अनाज समझौते को लागू करने की अपील की. न्यूज एजेंसी टास ने लिखा कि जी20 नेताओं ने अनाज समझौते को पूरी तरह लागू करने का आह्वान किया है.

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